.png)
Haiku Today ' एक विचार '
. राखी पहने कलाई मुस्काई मन पलायित ।
. मेरे धागों को तुमने उलझाया दे दी नग्नता ।
Read more. तुम्हारे गीत गुनगुनाते रहे सुना न सके ।
Read more. बेहरी भीड़ धर्म बिगुल बजा गूँगे वाचाल ।
Read more. होड़ की दौड़ कुचल के भागता स्वार्थ है आज ।
Read more
Social Plugin