Chai and Shayari
. तुम जो हासिल हो जाओ, नसीबन या तदबीरन 'नूरम', संभाल कर रखेंगे, जैसे शहद पर ज…
. तुम जो हासिल हो जाओ, नसीबन या तदबीरन 'नूरम', संभाल कर रखेंगे, जैसे शहद पर जान लुटाता है कोई नहल। नहल : Bee
Read more. तुम जो समा जाओ ज़िंदगी में, संभलेगी न मय-महफ़िल में। 'नूरम' कुछ तो प्याले चटक जाएँगे, कुछ हसद में जी न पाएँगे।
Read more. बादल हैं तो बरसात भी होगी क्या, फिर मिले हैं इंस्टा पे, बात भी होगी क्या? सुना है अक़्ल वाली दाढ़ आ रही है उन्हें, साथ में अक़्ल भी आएगी क्या? पहले तो हर ल…
Read more. वो शख़्स अपना भी है और पराया भी, वो पसंद भी है और नापसंद भी, तरतीब से उछाले हैं पत्थर उसने,'नूरम' घर बनाया भी है और दिल तोड़ा भी।
Read more. तेरे ख़यालों का सरूर है, हमें ख़ुद पे जो यह ग़ुरूर है। हम तो अब से हूर हो गए, 'नूरम' आपकी नज़रों का यह क़सूर है।
Read more. वो शख़्स अपना भी है और वो पराया भी, वो पसंद भी है और नापसंद भी, तरतीब से उछाले हैं पत्थर उसने,'नूरम' घर बनाया भी है और दिल तोड़ा भी।
Read more. मोहब्बत के खेल में, कभी कौन जीता है? जीता वो, जो सब हारा; 'नूरम' जो हारा, वो बेसहारा।
Read more. तुम जो हासिल हो जाओ, नसीबन या तदबीरन 'नूरम', संभाल कर रखेंगे, जैसे शहद पर ज…
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