Chai and Shayari
. जिन्हें निभाने में सब कुछ मिट गया, मैं आज भी मानता हूँ उन रिश्तों को। पर मेरी कब्र व…
. जिन्हें निभाने में सब कुछ मिट गया, मैं आज भी मानता हूँ उन रिश्तों को। पर मेरी कब्र वीरान पड़ी रहेगी, हाँ, मैं जानता हूँ अपने रिश्तों को। जिन्हें रौशन किया अपन…
Read more. सपना होता तो भुला देते, ख़्वाहिश होती तो मिटा देते। आप धड़कता हुआ दिल हैं हमारा, 'नूरम' आप कहें तो साथ निभा लेते।
Read more. आदतन तो शायर था मैं, मिज़ाजन शायर बना दिया, आपकी एक झलक ने, 'नूरम' यक़ीनन शायर बना दिया।
Read more. यह यक़ीन कि आपकी मोहब्बत, हमें गिरने नहीं देगी, 'नूरम' इसलिए हम उड़ते हैं ताअस्सुर में, आपके प्यार के।
Read more. जाने वाले एक नज़र देख तो ले, किस कदर तेरे इंतज़ार में बैठे हैं, हम तेरे हुस्न में मजबूर नहीं, 'नूरम' तू चाहें तो हम संभल भी सकते हैं।
Read more. तुम गुनाह हो तो सबसे बड़ा सवाब लगती हो, कैसे छू लें, सुलगता हुआ आफ़ताब लगती हो। बंदगी से पहले ही आपका सजदा कर बैठे हम, 'नूरम' ज़माने की हर बंदिश से म…
Read more. महताब की कसम महताब लगती हो, केसर की कसम, कश्मीरी गुलाब लगती हो। दरिया-ए-इश्क़ में वो कश्ती हो तुम, 'नूरम' जो मंज़िल का ख़्वाब देखती है।
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. जिन्हें निभाने में सब कुछ मिट गया, मैं आज भी मानता हूँ उन रिश्तों को। पर मेरी कब्र व…
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