Chai and Shayari- Jelly bangles Special
. आसमान से उतरी कोई अप्सरा लगती हो, 'नूरम' के ख़्वाबों का तब्सिरा लगती हो, कंगन…
. आसमान से उतरी कोई अप्सरा लगती हो, 'नूरम' के ख़्वाबों का तब्सिरा लगती हो, कंगन खनका कर जब मुस्कुराती हो तुम, मन मंदिर में होने वाली आरती लगती हो। Follo…
Read more. आपकी तस्वीर में भी जो, थोड़ी सी जगह मिल जाये, ये जमाना जल जाये, 'नूरम' की तकदीर बन जाये।
Read more. किनारे की शांति, यूँ तो खामोश है पर शांत नहीं, 'नूरम' उसे अभी भी इंतज़ार है किसी एक लहर का।
Read more. कुछ तो हमारे नर्म दिल का लिहाज़ किया होता, अमा शायर हो! थोड़ा तो बर्दाश्त किया होता। अब क्या हम मोहब्बत का भ्रम भी न रखें? किस्सा जो शाद था, यूँ आम न किया हो…
Read more. सूरज भी लौट रहा था, और लौट रहा था मैं भी, वह लौट रहा था नभ में, मैं लौट रहा था घर को। हाँ, हम दोनों साथ ही लौटे थे, कल फिर से आने के लिए। वह आएगा सोते हुओं क…
Read more. बेटियां करें घमासान, अब जज भी है हैरान, ससुराल बन रहे शमशान, मेरा भारत महान।
Read more. वो मकां अब भी मेरा है या मुसाफ़िर हूँ कोई, 'नूरम', दिल में वो बसा भी है, और दिल में रहता भी नहीं।
Read more. आसमान से उतरी कोई अप्सरा लगती हो, 'नूरम' के ख़्वाबों का तब्सिरा लगती हो, कंगन…
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