Haiku Today ' एक विचार '
. आतंक चीर धरा को ढक गया रोको हे ' कृष्ण ' ।
. आतंक चीर धरा को ढक गया रोको हे ' कृष्ण ' ।
Read more. ठिकरी करे कुम्हार को घायल आज की रीत ।
Read more. प्रेम सुधा को तलाश रहे सब बिन प्यास के ।
Read more. सिंदूरी उषा घूँघट में छिपाए शिशु प्रातः है ।
Read more. बुना स्वयं ही अपना है कुकून किसकी भूल ।
Read more. वृक्ष सहता पतझड़ में शीत मौसम ने दी ।
Read more. नीड़ बनता जुड़े तिनको से ही बिखरे चुभे ।
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