Chai and Shayari
. मेरे जगे से ख्वाबों में तुम हो, मेरे इन शोख गीतों में तुम हो, कुदरत के शाहकारों में …
. मेरे जगे से ख्वाबों में तुम हो, मेरे इन शोख गीतों में तुम हो, कुदरत के शाहकारों में तुम हो, चाँद की रोशनाई में भी तुम हो, मैं अगर साज़ होऊं कोई तो, 'नूरम…
Read more. तेरी मोहब्बत में होकर बर्बाद, कहते हैं, कहते हैं वह बात जिसे राज़ कहते हैं। वो कर रहे हैं, मोहब्बत-ए-मौज़ू हमसे, वो कर रहे हैं, मोहब्बत-ए-मौज़ू हमसे, जो बराए…
Read more. वो कर रहे हैं, मोहब्बत-ए-मौज़ू जो ऐसे करते हैं, जैसे मेज़बानी, और जब न करें, जैसे मेहरबानी।
Read more. Find me in instagram A furry fox, with eyes of desire, Stealing the calm, lighting fire, It slipped through the window, silent and bold, Turning the midnight…
Read more. उसने जोड़ा है खुशबू को शीशी में, जिसने फूलों को टहनी से जुदा दिया। वो अब चला रहा है खुशबू की दुकान, 'नूरम' जिसने गुलाबों के ज़ख़्मों को हरा कर दिया।
Read more. वो देखता है मुझको मगर बेहया नहीं, मैं देखने लगूं तो मुझे देखता नहीं। दबी दबी सी है हया आंखों में उसकी 'नूरम' मैं मुंतज़िर हूँ, वो छेड़ता नहीं।
Read more. Poem: For men india Parivar हम होंगे कामयाब, दिलाएंगे बेटों को इंसाफ, खोलेंगे कानून की आंख, दिखलाएंगे हैवानियत साफ। मिटाएंगे पक्षपात का साया, लाएंगे एक नय…
Read more. मेरे जगे से ख्वाबों में तुम हो, मेरे इन शोख गीतों में तुम हो, कुदरत के शाहकारों में …
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