ChaI and Shayari
. बादल हैं तो बरसात भी होगी क्या, फिर मिले हैं इंस्टा पे, बात भी होगी क्या? सुना है अ…
. बादल हैं तो बरसात भी होगी क्या, फिर मिले हैं इंस्टा पे, बात भी होगी क्या? सुना है अक़्ल वाली दाढ़ आ रही है उन्हें, साथ में अक़्ल भी आएगी क्या? पहले तो हर ल…
Read more. वो शख़्स अपना भी है और पराया भी, वो पसंद भी है और नापसंद भी, तरतीब से उछाले हैं पत्थर उसने,'नूरम' घर बनाया भी है और दिल तोड़ा भी।
Read more. तेरे ख़यालों का सरूर है, हमें ख़ुद पे जो यह ग़ुरूर है। हम तो अब से हूर हो गए, 'नूरम' आपकी नज़रों का यह क़सूर है।
Read more. वो शख़्स अपना भी है और वो पराया भी, वो पसंद भी है और नापसंद भी, तरतीब से उछाले हैं पत्थर उसने,'नूरम' घर बनाया भी है और दिल तोड़ा भी।
Read more. मोहब्बत के खेल में, कभी कौन जीता है? जीता वो, जो सब हारा; 'नूरम' जो हारा, वो बेसहारा।
Read more. नज़्म : ग़लत क्या है? कुछ बातें बस सही होती हैं, तो सही होती हैं, इसमें ग़लत क्या है? कुदरत का भी मेदा है, ग़लत पचता नहीं है, सच सामने आता है, तो आता है, ग़…
Read more. फ़ॉलो फॉर फ़ॉलो का रिश्ता निभा लीजिए, एक क़दम हम बढ़े, एक आप बढ़ा दीजिए। देर न कीजिए, 'नूरम' फ़ॉलो कर लीजिए, इंस्टा के सफर में, हमारा साथ तो दीजिए।
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