Haiku Today ' एक विचार '
. राह नेता की सुगम बन गई पुल बना के ।
. राह नेता की सुगम बन गई पुल बना के ।
Read more. नयन जब सपनों को सजाएँ चैन चुरायें ।
Read more. बगीचा सूखा वीराना बन गया पनपे शूल ।
Read more. सुलगते हैं दहकते अंगारे बुझे क्या जलें ।
Read more. बिखरे अंश अर्थहीन हो जाते देते चुभन ।
Read more. आतंक चीर धरा को ढक गया रोको हे ' कृष्ण ' ।
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