Haiku Today ' एक विचार '
. पराई लगे अपने ही होठों पे मुस्कान आज ।
. पराई लगे अपने ही होठों पे मुस्कान आज ।
Read more. बूँद का त्याग बनी वर्षा की लड़ी धरा से मिली ।
Read more. बदल नापें नभ धरा की दूरी मिटा न सके ।
Read more. रात हुई तो जले यादों के दिये बुझे नीर से ।
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