Chai and Shayari
. उनका दिया एक ज़ख़्म ही था काफ़ी, ख़्वाबों की हक़ीक़त, मैं हक़ीक़त से जागी। यादों में…
. उनका दिया एक ज़ख़्म ही था काफ़ी, ख़्वाबों की हक़ीक़त, मैं हक़ीक़त से जागी। यादों में डसती, तन्हाई की बिजली, आँखों को खोया है, बस आँसू हैं बाक़ी।
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Read more. ख़त का मज़मून पूछते हैं, हाल हमारा मालूम नहीं, हम मर मिटे हैं जिन पर, उन्हें नाम भी मालूम नहीं। किस कदर खड़े रहे हम, किस करवट हम बैठ जाएँ, अब रहने दें या कु…
Read more. लबों से मैं ना कह सका, दिल में जो भी था, आँखों ने तेरी सुन लिया, दिल ने जो कहा। लबों से मैं ना कह सका, दिल में जो भी था, आँखों ने तेरी सुन लिया, दिल ने जो क…
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Read more. होगा जब ज़िक्र, मेरा तेरी महफ़िल में, होगा जब ज़िक्र, मेरा तेरी महफ़िल में, और जब मेरा, नाम उछाला जायेगा, तुझे रुलाएगा, तुझसे, न संभाला जायेगा। होगा जब ज़…
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. उनका दिया एक ज़ख़्म ही था काफ़ी, ख़्वाबों की हक़ीक़त, मैं हक़ीक़त से जागी। यादों में…
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