Haiku Today ' एक विचार '
. कलियाँ खिली बगिया इतराई खिले थे टेसु ।
. कलियाँ खिली बगिया इतराई खिले थे टेसु ।
Read more. वसंत संग रंग, पुष्प, महक भाग्य अपना ।
Read more. साथ निभाती मात्र कर्मोँ की पूँजी जोड़ते चलें ।
Read more. पत्ते झड़े तो पक्षी भी उड़ गए तन्हा पीपल ।
Read more. देख सकते चित्र ही तो ख़ुशी का बना न अभी ।
Read more. पराई लगे अपने ही होठों पे मुस्कान आज ।
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