Chai and Shayari
. "जब अश्क़ ग़म-ए-रूह से पूछता है कि क्या हुआ... तो अशआर बाहर आते हैं। और फिर जब …
. "जब अश्क़ ग़म-ए-रूह से पूछता है कि क्या हुआ... तो अशआर बाहर आते हैं। और फिर जब आँसू हाथों को सहारा देते हैं, तो लबों पे दुआ आती है। शायरी, रूह से बात कर…
Read more. Hey Rhymers, Let’s be honest—scrolling through endless, predictable text blocks is getting a bit repetitive. Blogging is boring when it lacks a soul. So, le…
Read more. ✒️ Poet Name: Dr. Ashutosh Manwati 'nuRam' 📍 J&k, India देर हुई मनाने में, अब मलाल…
Read more. आसमान से उतरी कोई अप्सरा लगती हो, 'नूरम' के ख़्वाबों का तब्सिरा लगती हो, कंगन खनका कर जब मुस्कुराती हो तुम, मन मंदिर में होने वाली आरती लगती हो। Follo…
Read more. आपकी तस्वीर में भी जो, थोड़ी सी जगह मिल जाये, ये जमाना जल जाये, 'नूरम' की तकदीर बन जाये।
Read more. किनारे की शांति, यूँ तो खामोश है पर शांत नहीं, 'नूरम' उसे अभी भी इंतज़ार है किसी एक लहर का।
Read more. कुछ तो हमारे नर्म दिल का लिहाज़ किया होता, अमा शायर हो! थोड़ा तो बर्दाश्त किया होता। अब क्या हम मोहब्बत का भ्रम भी न रखें? किस्सा जो शाद था, यूँ आम न किया हो…
Read more. "जब अश्क़ ग़म-ए-रूह से पूछता है कि क्या हुआ... तो अशआर बाहर आते हैं। और फिर जब …
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