Haiku Today ' एक विचार '
. साथ निभाती मात्र कर्मोँ की पूँजी जोड़ते चलें ।
. साथ निभाती मात्र कर्मोँ की पूँजी जोड़ते चलें ।
Read more. पत्ते झड़े तो पक्षी भी उड़ गए तन्हा पीपल ।
Read more. देख सकते चित्र ही तो ख़ुशी का बना न अभी ।
Read more. पराई लगे अपने ही होठों पे मुस्कान आज ।
Read more. बूँद का त्याग बनी वर्षा की लड़ी धरा से मिली ।
Read more
. साथ निभाती मात्र कर्मोँ की पूँजी जोड़ते चलें ।
Social Plugin